जिलाधिकारी वंदना सिंह ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में हो रही पेयजल किल्लत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह शहर में पेयजल की मांग के अनुसार आपूर्ति का मूल्यांकन करें ताकि भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके और लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने पेयजल संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने और कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव मोड पर रखने के निर्देश दिए।

कैंप कार्यालय में पेयजल अधिकारियों के साथ हुई बैठक में डीएम ने कहा कि बार-बार खराब होने वाले ट्यूबवेलों की सूची बनाते हुए उनकी तकनीकी समस्या को चिह्नित कर उसका स्थायी रूप से समाधान कराने के निर्देश दिए। कहा कि हल्द्वानी के जिन क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति होने और डायरिया आदि की शिकायत आ रही है, वहां पानी के साथ-साथ संबंधित पेयजल लाइन की जांच कराई जाए।

लाइन बिछाकर पानी देना भूल गया विभाग
पहाड़पानी में जल जीवन मिशन योजना से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के दावे जल संस्थान और जल निगम विभाग के धरातल पर उतरते नजर नहीं आ रहे हैं। धारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत दीनी मल्ली गांव में बिछाई गई पेयजल लाइन में अभी तक पानी सुचारु नहीं हो पाया है। ऐसे में ग्रामीणों को डेढ़ किमी दूर स्थित जलस्रोतों से घोड़े के सहारे पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांव के प्रकाश चंद्र ने बताया कि सालभर में छह महीने तो घोड़े के सहारे ही पानी लाना पड़ता है।

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